विपक्षी दलों के बाद अब 10 सहयोगी दलों ने एनआरसी पर बीजेपी का विरोध किया

by Rahul Gautam 1 month ago Views 1696
ALLIES TURN AGAINST BJP OVER NRC ISSUE
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देशभर में नेशनल रिजस्टर ऑफ सिटिजंस लागू करने का ऐलान बीजेपी को भारी पड़ गया है. विपक्षी दलों के साथ-साथ अब उसके 10 सहयोगी दलों ने भी एनआरसी के मुद्दे पर मोदी-शाह का साथ छोड़ दिया है.

देशभर में विरोध प्रदर्शनों का सैलाब देखकर पीएम मोदी और अमित शाह एनआरसी लागू करने के मुद्दे पर पीछे हट चुके हैं. इस मुद्दे पर मोदी-शाह को उनके अपने सहयोगी दलों का भी साथ नहीं मिल रहा है. अभी तक एनडीए के कम से कम 10 सहयोगी एनआरसी के मुद्दे पर बीजेपी का साथ छोड़ चुके हैं.

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बीजेपी के सबसे पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल पहले दिन से ही नागरिकता संशोधन कानून पर असहमति जता चुका है. अब पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश गुजराल ने दो टूक कहा है कि उनकी पार्टी एनआरसी के खिलाफ है क्योंकि इसे लेकर मुसलमानों में असुरक्षा का माहौल है.

एनडीए का सबसे बड़े घटक दल जेडीयू है लेकिन इसके मुखिया नीतीश कुमार पहले ही बोल चुके हैं…काहे का एनआरसी. पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी के कहा है कि जेडीयू एनआरसी का समर्थन नहीं करेगी और इसे लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी ने भी एनआरसी के खिलाफ ताल ठोंक रखा है. पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने कहा है कि वो एनआरसी का समर्थन तब तक नहीं  करेंगे जब तक मुसलमानों की चिंता दूर नहीं की जाएगी। तमिलनाडु में AIADMK ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी के साथ नहीं हैं.

इनके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में एनडीए के सहयोगी असम गण परिषद, नागा पीपुल्स फ्रंट, मिज़ो नेशनल फ्रंट, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट, सिक्किम क्रन्तिकारी मोर्चा भी देशव्यापी एनआरसी के खिलाफ हैं।

वहीं झारखंड में झटका लगने के बाद अब पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी ऐलान किया है कि वो राज्य में एनआरसी लागू करने के पक्ष में नहीं हैं. सहयोगियों से इतर विपक्षी दलों और आंदोलनकारियों ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी को पूरी तर घेर रखा है.