राम मंदिर ट्रस्ट में हिस्सेदारी के लिए अयोध्या के साधुओं में मारामारी

by Ankush Choubey 8 months ago Views 2737
Ayodhya sadhus vying for stake in Ram temple trust
सप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया है।  लेकिन इस ट्रस्ट में हिस्सेदारी को लेकर साधु संतो में फूट पड़ गई है। अयोध्या में तमाम मठाधीश ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहें हैं।

राम मंदिर निर्माण का रास्ता सुप्रीम कोर्ट से साफ होने के बाद अब हिस्सेदारी को लेकर संतों में तनातनी शुरू हो गई है। राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए जाने वाले ट्रस्ट को लेकर साधू संतो में मतभेद है। सब अपनी हिस्सेदारी और दावेदारी को लेकर अपने अपने तर्क दे रहे हैं।

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विश्व हिन्दू परिषद के दबदबे वाले राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि राम मंदिर के लिए किसी नए ट्रस्ट की ज़रूरत नहीं है और रामजन्मभूमि न्यास पहले से बना हुआ है। नए लोगों को इसी ट्रस्ट में जोड़ा जा सकता है। मगर राम जन्मभूमि न्यास के इस दांव का दूसरे गुट के साधू-संत विरोध कर रहे हैं।

दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि नया ट्रस्ट तो केंद्र सरकार बनाएगी और उस ट्रस्ट में वही होगा जिसे केंद्र सरकार चाहेगी। अयोध्या के हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास का कहना है कि राम जन्मभूमि न्यास का विस्तार कर देना चाहिए मगर इसमें श्री श्री रविशंकर या रामदेव जैसे किसी बाहरी बाबा को न शामिल किया जाए।

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वहीं पूर्व सांसद रामविलास वेदांती का एक ऑडियो भी वायरल हुआ है जिसमें वह तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महंत परमहंस दास से बात कर रहे हैं। इस वायरल ऑडियो में ख़ुद को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव देने के लिए कह रहे हैं और राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष के लिए अशोभनीय बातें कर रहे हैं।

अयोध्या के साधू संत अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी ट्रस्ट में रखने को लेकर एकमत नहीं हैं।

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