बिपिन रावत बने देश के पहले CDS, मनोज मुकुंद नरवाणे देश के 28वें सेना प्रमुख बने

by Ankush Choubey 1 month ago Views 1141
Bipin Rawat became the country's first CDS, Manoj
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सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होंगे जिसका औपचारिक ऐलान रक्षा मंत्रालय ने सोमवार देर शाम कर दिया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तौर पर बिपिन रावत को 1 जनवरी को अपना पदभार संभालना है। वहीँ अब बिपिन रावत की जगह आज लेफ्टिनेंट मनोज मुकुंद नरवाणे देश के 28वें सेना प्रमुख के तौर पर अपना पदभार संभालेंगे।

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे मंगलवार को देश के 28वें सेना प्रमुख के तैर पर अपना पदभार संभालेंगे। वह जनरल बिपिन रावत का स्थान लेंगे, जो तीन वर्ष तक सेना प्रमुख रहने के बाद सोमवार को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किए गए हैं।

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मनोज मुकुंद नरवाणे फिलहाल सेना उप प्रमुख हैं। वह सितंबर में सेना उप प्रमुख बनने से पहले सेना के पूर्वी कमान के प्रमुख थे, जो चीन के साथ लगती करीब चार हज़ार किलोमीटर लंबी सीमा की देखभाल करती है। अपने 37 वर्षो के सर्विस में लेफ्टिनेंट जनरल नरवाणे जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन का कमान संभाला और पूर्वी मोर्चे पर इन्फैंट्री ब्रिगेड का नेतृत्व किया।

वहीँ सोमवार की देर शाम रक्षा मंत्रालय औपचारिक तौर पर एलान किया कि सेना प्रमुख बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होंगे जोकि बुधवार एक जनवरी को अपना पदभार संभालेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तौर पर जनरल बिपिन रावत देश के सर्वोच्च रक्षा अधिकारी होंगे जो तीनों सेनाओं की बागडोर संभालेगे और तीनों सेनाओं के सेना प्रमुख उनके आधीन काम करेंगे। बिपिन रावत अब सीधे रक्षा मंत्री को रिपोर्ट करेंगे।

वहीँ जनरल रावत के सीडीएस बनने पर अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने उन्हें बधाई दी है। विदेश मंत्रालय के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो ने कहा कि भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनने पर जनरल रावत को बधाई। उनकी नियुक्ति से अमेरिका और भारत की सेनाओं के बीच संयुक्त सहयोग को उत्प्रेरित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सैन्य संबंध और अच्छे होंगे।

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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद की मांग कारगिल युद्ध के बाद देश के पहले सीडीएस के लिए सिफारिश की गई थी। इसके पीछे समय समय पर तर्क दिया गया था इससे तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय होगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को इस पद का एलान किया था और 24 दिसंबर को कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गई।