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भारतीय इंजिनियर ने लैंडर विक्रम को ढूंढा, NASA ने बधाई दी

by Arushi Pundir 11 months ago Views 1477
CHENNAI ENGINEER DETECTS VIKRAM LANDER’S CRASH SIT
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम को ढूंढने का श्रेय भारतीय इंजीनियर षणमुग सुब्रमण्यन को दिया है. नासा ने अपने बयान में कहा है कि लैंडर विक्रम के मलबों को सबसे पहले षणमुग ने ढूंढा. लैंडर विक्रम जहां गिरा था, उसका मलबा लगभग 750 मीटर दूर था. इंजीनियर षणमुग सुब्रमण्यन चेन्नई के रहने वाले हैं. उन्होंने भी ट्वीट कर बताया है कि लैंडर विक्रम को खोजने का श्रेय नासा ने उन्हें दिया है.

नासा ने लुनर रिकॉनासैंस अॉरबिटर ने सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में जो तस्वीरें ली थीं, षणमुग ने उनपर काम किया और लैंडर विक्रम के मलबे का पता लगाया. फिर उन्होंने इमेल भेजकर नासा को मलबे की सही लोकेशन बताई जिसकी पुष्टि नासा ने कर दी.

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चेन्नई के रहने वाले षणमुग सुब्रमण्यन पेशे से मकैनिकल इंजीनियर और कंप्यूटर प्रोग्रामर है और चैन्नई में टेक्निकल आर्किटेक्ट के तौर पर काम कर रहे हैं।

वीडियो देखें:

इससे पहले NASA ने ट्वीट कर बताया था कि लैंडर विक्रम के मलबे के तीन सबसे बड़े टुकड़े 2x2 पिक्सल के हैं. NASA ने विक्रम की लैंडिंग साइट की तस्वीरें भी जारी की हैं जो लगभग एक किलोमीटर दूर से ली गई हैं। अब भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने नासा से विक्रम लैंडर के इम्पैक्ट साइट की जानकारी मांगी है.

इसरो का चंद्रयान 2 मिशन 15 जुलाई 2019 को शुरू हुआ था. इसके लैंडर विक्रम को 7 सितंबर को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी लेकिन आख़िरी वक़्त में विक्रम बेहद तेज़ गति से चांद की सतह से टकराया और इसरो का उससे संपर्क टूट गया. तभी से लैंडर विक्रम की लोकेशन पता लगाने में इसरो, नासा जैसी अंतरिक्ष एजेंसियां जुटी हुई थीं. यह खोज अब एक भारतीय इंजिनियर षणमुग सुब्रमण्यन की मदद से पूरी हो गई है.

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