कोरोना वायरस का ख़ौफ़, रोज़मर्रा के सामानों का स्टॉक शुरू

by Rumana Alvi 2 months ago Views 1533
Coronavirus panic, stock of everyday items started
देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों से आम लोगों में डर का माहौल भी बढ़ रहा है। लोगों को डर है कि कहीं इटली या वुहान जैसे हालात यहां ना हो जाए और इसलिए लोगों ने अपने घरों में अनाज और रोज़मर्रा के सामानों का स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है।


जानलेवा होते कोरोना वायरस के मामले लगातार देश में भी बढ़ रहे हैं और जिसे देखते हुए लोगों में ख़ौफ बैठ रहा है। लोगों को डर है कि कहीं बाकी देशों जैसा हाल भारत का ना हो जाए। कोरोना से घबराए लोगों ने अपने घरों में रोज़मर्रा की चीज़ों को जमा करना शुरू कर दिया है, जिससे देश के कई हिस्सों में दुकानों में अनाज के दाम बढ़ा दिए गए हैं।

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प्रधानमंत्री के आश्वासन के बावजूद लोगों को डर है कि अगर वो बार-बार बाज़ार जाएंगे तो कहीं वो इस वायरस की चपेट में ना जाए और इसलिए एहतियात के तौर पर लोग एक से दो महीने के सामान का स्टॉक अपने घरों में जमा कर रहे हैं। वहीं मेडिकल शॉप और किराना दुकानों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारे देखने को मिल रही हैं।

ज़ाहिर है कोरोना वायरस के बढ़ते कहर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कफ्यू के तौर पर मनाने का ऐलान किया है, जिसमें लोगों से उन्होंने अपील की है कि सुबह 7 से रात 9 बजे तक लोग अपने घरों में रहें बाहर ना निकले। इसके बाद लोग ज़्यादा घबरा गए हैं।

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान वे ट्वीट करते हुए लिखा कि “1 अप्रैल 2020 तक पीडीएस के माध्यम से दिए जाने वाले अनाज में 135.8 लाख टन चावल और 74.6 लाख टन गेंहू की आवश्यकता है। कुल 210.4 लाख टन अनाज की ज़रुरत है। जबकि अभी हमारे पास कुल स्टॉक 646.09 लाख टन है। मतलब हमारे पास अनाज का 435.69 लाथ टन अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है।” 

वहीं उन्होंने ये भी लिखा कि केंद्र के सर्कुलर के मुताबिक़ राज्य सरकारें एक बार में 6 महीने तक के लिए पीडीएस का अनाज ले सकती है। अभी पंजाब सरकार 6 महीने का और ओडिशा सरकार एक बार में 2 महीने का कोटा ले रहे हैं। अन्य सरकारें भी चाहें तो अनाज ले सकती है ।

वहीं उन्होंने लिखा की हमारे पास अनाज कि कोई कमी नहीं है और ना इसको लेकर कोई घबराहट है। इसके अलावा खुले बाज़ार में भी ओएमएसएस के माध्यम से बिक्री हो रही है, जिसमें चावल का भाव 22.50 रुपये प्रति किलो है।'

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पासवान ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर लोगों के बीच बेहतर जागरुकता है। इसलिए देश में अन्य देशों के मुकाबले इसके विकराल रूप लेने की संभावना कम है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों को इससे ‘घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है और हमें खुद की सुरक्षा के लिए सभी एहतियाती कदम उठाने चाहिए।’

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