श्रीनगर में निजी कोचिंग क्लासेस बच्चों के लिए बनी उम्मीद की किरण

by Rumana Alvi 3 months ago Views 775
Private coaching classes in Srinagar made a silver
अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से ही जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों का हुआ है। बोर्ड एग्जाम सर पर है और ऐसे में निजी कोचिंग संस्थान कश्मीरी छात्रों को पढ़ाई में हुए नुकसान से उबारने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बच्चों का साल बर्बाद होने से बच सके।


जम्मू- कश्मीर में ऑर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से स्थिती अभी तक सामान्य नही है। स्कूल, कॉलजों के बंद होने से बच्चों को पढ़ाई में काफी नुकसान हुआ। और इस बंद का सबसे ज्यादा खामियाजा बोर्ड क्लासेस के बच्चों को झेलना पड़ा।

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जब हालात यहां थोड़े सामान्य हुए, तो विंटर में एक बार फिर स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया। जिससे बच्चों का कोर्स पूरा नहीं हो सका और एग्जाम सर पर होने की वजह से उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी। ऐसे में निजी कोचिंग सेंटर बच्चों के लिए एक मात्र सहारा बनी । जहां वो अपनी पढ़ाई को पूरा कर सकते हैं।

स्टूडेट्स का कहना है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पूरे जम्मू,कश्मीर में तनाव लगातार बना हुआ था। स्कूल, कॉलेजों को बंद कर दिया गया था। शिक्षा संस्थानों में 20 से 30 फीसदी तक कोर्स पूरा होने के लिए बचा हुआ था।

लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। और विंटर की वजह से स्कूल अभी भी बंद हैं। और बोर्ड एग्जाम सर पर हैं। जिसके लिए जल्द से जल्द कोर्स पूरा करने के लिए निजी कोचिंग सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा हैं।

यहां बेहतर पढ़ाई के साथ ही ऑनलाइन क्लासेस वीडियों नोट्स से काफी मदद मिल रही हैं। हम कोचिंग के साथ ही घर पर भी वीडियों नोट्स के जरिए पढ़ाई करते हैं। ताकि एग्जाम में मदद हो सकें।

कोचिंग संचालक लतीफ मसूदी का कहना है कि आर्टिकल 370 के हटाए जाने के बाद से ही बच्चों को पढ़ाई में काफी दिक्कते आ रही थी।स्कूल बंद थे बच्चों की पढ़ाई के लिए एक मात्र सहारा निजी कोचिंग संस्थान ही बचे हैं।

जाहिर है अपने भविष्य को लेकर चिंता कर रहे बच्चों के लिए निजी कोचिंग क्लासेस एक उम्मीद की किरण कि तरह सामने आई है।

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