विश्व पुस्तक मेला ने मलाला से किया किनारा

by GoNews Desk 4 months ago Views 1164
World Book Fair distanced from Malala
दिल्ली में 4 से 12 जनवरी तक प्रगति मैदान में होने वाले वर्ल्ड बुक फेयर को लेकर ट्विटर पर #WBF2020 ट्रेंडिंग पर है। इस दौरान एचआरडी मंत्रालय ने मलाला युसुफज़ई को लेकर ट्विटर पर प्रशनोत्तरी में एक सवाल पूछा था। जिसमें मंत्रालय ने लिखा था कि "क्या आप इस प्रसिद्ध महिला लेखक को जानते हैं? आपको यह सोचने के लिए एक टिप-ऑफ: वह एक नोबेल पुरस्कार विजेता और महिलाओं के लिए शिक्षा के अधिकार का बचाव करने वाली कार्यकर्ता है।" हालांकि मलाला युसुफ़ज़ई पर मंत्रालय ने अपने ट्वीट को कुछ ही देर में डिलीट कर दिया।

दरअसल, मलाला युसुफज़ई ने केन्द्र सरकार के जम्मू-कश्मीर से धारा 370 ख़त्म किये जाने का विरोध किया था। उन्होंने युनाइटेड नेशन से मामले पर संज्ञाने लेने की पेशकश भी की थी। इसी को लेकर ट्विटर पर एचआरडी मंत्रालय की लोगों ने आलोचना शुरू कर दी।

Also Read: भारत में पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में डेढ़ रूपये की हो सकती है बढ़ोतरी

एक यूज़र ने मंत्रालय के ट्वीट के स्क्रीनशॉट के साथ लिखा है कि एचआरडी मंत्रालय ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

ट्विटर पर एक यूज़र ने एचआरडी मंत्रालय की इस ट्वीट के विरोध में लिखा कि ‘’आप इससे ज़्यादा गए-गुजरे नहीं हो सकते हैं। वो धारा 370 को ख़त्म किये जाने पर संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की थी।’’

बता दें कि पाकिस्तान के उत्तरी-पश्चिमी सीमांत क्षेत्र में मलाला युसुफज़ई ने महिलाओं की शिक्षा के लिये लंबी लड़ाई लड़ी। वो इस्लामिक चरमपंथियों का निशाना बनीं और उनकी जान को भी ख़तरा हुआ। तालीबानी आतंकवादियों ने लड़कियों की शिक्षा के ख़िलाफ़ थे। मलाला ने अपनी आप-बीती बयान करते हुए कई किताबें लिखी हैं। साल 2014 में मलाला युसुफज़ई को नोबेल शांति पुरस्कार से नवाज़ा गया था। मानव संसाधन मंत्रालय के सोशल मीडिया का मलाला से किनारा करना अपनी ही अभिव्यक्ति की आज़ादी पर बंदिश माना जा सकता है।

Latest Videos

Facebook Feed