जम्मू-कश्मीर को केन्द्रशासित प्रदेशों में बांटने का विरोध जारी, गवर्नर गो बैक के लगे नारे

by Ankush Choubey 7 months ago Views 1037
Protest continues to divide Jammu and Kashmir into
पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का फ़ैसला किया था. दो नए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़ की व्यवस्था 31 अक्टूबर से लागू हो गई है. पीएम मोदी के क़रीबी कहे जाने वाले पूर्व नौकरशाह गिरीश चंद्र मुर्मू जम्मू-कश्मीर के पहले लेटिनेंट गवर्नर बने हैं जबकि लद्दाख का लेटिनेंट गवर्नर पूर्व नौकरशाह राधा कृष्ण माथुर को बनाया गया है.

हालांकि इसका विरोध भी जारी है. नेशनल पैंथर्स पार्टी ने जम्मू में लेटिनेंट गवर्नर गो बैक के नारे भी लगाए. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काले झंडे थे और उनकी तख़्तियों पर लिखा था. हिटलर राज नहीं चलेगा. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर जम्मू कश्मीर की जनता के साथ धोखा और भद्दा मज़ाक करने का आरोप लगाया.

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केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पूरी तरह केंद्र के अधीन हैं. अब यहां रनबीर पेनल कोड की जगह आईपीसी और सीआरपीसी की धाराएं काम करेंगी. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सरकारी कामकाज अब उर्दू की बजाय हिंदी में होगा।

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अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लगभग तीन महीने होने वाले हैं लेकिन घाटी में हालात सामान्य नहीं हैं. इंटरनेट सेवा पर पाबंदी जारी है. स्कूलों में बच्चे पहुंचे नहीं लेकिन परीक्षाएं शुरू कर दी गई हैं. अक्टूबर में घाटी में बड़े पैमाने पर हिंसा भी हुई है और कम से कम डेढ़ दर्जन मौतें दर्ज हुई हैं.

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