अंफान को सुपर साइक्लोन क्यों कहा जा रहा है?

by GoNews Desk 1 week ago Views 657
Why is Amphan called a Super Cyclone?
कोरोना महामारी की वजह से देशभर में अफ़रा-तफ़री का माहौल बना हुआ है और इस बीच चक्रवाती तूफान ‘अंफान’ दस्तक देने के लिए तैयार है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे सुपर साइक्लोन का नाम दिया है जो बुधवार की शाम तक ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट पर 155 किलोमीटर की रफ़्तार से टकरा सकता है.

इस तूफ़ान से निबटने के लिए ओडिशा में एनडीआरएफ की 15 टीमें तैनात की गई हैं और पांच टीमें रिज़र्व हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में 19 टीमें तैनात हैं और दो टीमों को रिज़र्व में रखा गया है। एनडीआरएफ के डीजी एस.एन प्रधान ने कहा, ‘हम एक समय में दो आपदाओं से जूझ रहे हैं। एक कोरोना वायरस और दूसरा चक्रवाती तूफान की शक्ल में हमारे सामने खड़ा है। इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।”

चक्रवाती तूफान अंफान से पश्चिम बंगाल के छह ज़िले राजरहाट, 24 परगना, हावड़ा, हूग़ली, पश्चिमी मेदिनीपुर और सिलीगुड़ी प्रभावित हो सकते हैं और इन सभी ज़िलों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई है।

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एनडीआरएफ के डीजी के एस.एन प्रधान के मुताबिक़ ओडिशा के सात ज़िले प्रभावित हो सकते हैं. इनमें बालासोर, केन्द्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, भदरक, मयूरभंज, पुरी और जजपुर शामिल है।

मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में उठे इस तूफान की मौजूदा रफ्तार 200-240 किलोमिटर प्रति घंटा है। साल 1999 के बाद ऐसा पहली मौका है जब बंगाल की खाड़ी में सुपर साइक्लोन बना है। हालांकि मौसम विभाग के डीजी मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि यह तूफान अभी उत्तर-पश्चमी दिशा में 15 किलोमिटर प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार की शाम तक ये तूफान पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हतिया द्वीप के तटीय इलाक़े की बीच सुंदरबन को पार करेगा। तटीय इलाक़ों से टकराने के बाद ‘अंफान’ तूफान की रफ्तार 155-165 किलोमिटर प्रति घंटा हो सकती है.

मौसम विभाग का मानना है कि इस चक्रवाती तूफान की वजह से मॉनसून के आने में देरी हो सकती है। पहले केरल में 5 जून को मॉनसून के आने का अनुमान था लेकिन अब यह कुछ दिनों के लिए टल सकता है.

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